Hello, दोस्तों Aaj हम आपके लिए Diwali Essay In Hindi लेकर आये है जिसे आप आपने Collages And Schools के Exam पेपर मै लिख सकते है


Diwali के Es खास Utsav को मानाने Ke लिए Hindu धर्म के लोग बेहद उत्सुकता Purvak इंतजार करते Hai. ये Bahut ही महत्वपूर्ण त्यौहार Hai. Khas तोर से घर के बच्चो Ke Liye. इस Essay के द्वारा Hame अपने बच्चो को Diwali की महत्ता और History के बारे मै बताया जाना चाइये जिससे Unhe घर और बहार इसके अनुभवों का प्रयोग कर सके

#1 Diwali Essay In Hindi ( 200. Word )

भारत Ek ऐसा देश Hai. जिसको त्योहारों की भूमि कहा Jata Hai. Enhi पर्वो Mai से एक Hai. Diwali जो Dussehra के 20 दिन बाद October या Novemmber के महीने Mai. आती है. इसे भगवान् Rama के 14 साल के वनवास काटकर आपने Rajya Mai लौटने की Kushi Mai मनाया जाता Hai. अपनी ख़ुशी जाहिर करने के लिए अयोध्या वासी Es दिन Rajya को Roshni से नहला Dete Hai. साथ Hi पटाखों की गूँज Mai सारा राज्य Jhoom उठता Hai.


Diwali की Roshni का उत्सव या लड़ियो की Roshni के रूप मै भी जाना Jata Hai. जोकि GHar मै लक्ष्मी के आने का संकेत Hai. साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए मनाया Jata Hai. असुरो के राजा Ravan को मारकर प्रभु Shree Rama ने धरती Ko बुराई से Bachaya था ऐसा माना जाता Hai. की इस दिन आपने Ghar, दुकानों और कार्यालयों आदि की Saaf सफाई रखने से उस स्थान पर लक्ष्मी का प्रवेश होता Hai. उस Din Gharo को दियो से Sajana और पठाखे फोड़ने का रिवाज Hai.

Aisi मान्यता है Ki इस दिन New चीजों का खरीदने से घर Mai माता लक्ष्मी आती Hai. इस दिन Sabhi लोग Khas तौर से बच्चे गिफ्ट, पठाखे, मिठाईया और नए कपडे बाजार से खरीदते Hai. Sham के समय सभी Aapne Ghar पर Laxmi जी की आराधना करने के बाद Gharo को Roshni से Sajate Hai. पूजा संपन्न होने Par Sabhi एक दूसरे को प्रसाद व गिफ्ट बाटते Hai. साथ ही ईश्वर से Jeevan Mai Kushiya की कामना करते Hai. अतः मै पटाखों और विभिन Khelo से सभी Diwali की Masti मैं Dhub जाते Hai.

#2 दिवाली पर निबंध ( 500 शव्द )

Bharat त्योहारों का Desh Hai. Yha Samay-Samay पर विभिन जातियों Samuday द्वारा आपने-आपने त्यौहार Manaye जाते Hai. सभी त्यौहार मैं Diwali सर्वाधिक Priya Hai. दीपो का त्यौहार Deepavali, Diwali, जैसे Anek नमो से Jane बाला आनद Or प्रकाश का त्यौहार Hai.


Yeh त्यौहार Bhartiye सम्भयता संस्कीरति का एक सर्वप्रमुख Tyohaar Hai. यह ऋतु Parivartan का Suchak है. इसके साथ Anek धार्मिक मान्यताये भी जुडी Hai. यह उत्साह, उल्लास, भाईचारे, Saaf-Safai तथा पूजा अर्चना का Tyohaar Hai. यह Tyohaar प्रतिवर्ष Kartike Maas की अमावस्या को Manaya जाता Hai.

Deepavali का Tyohaar मनाने Ki परम्परा Kab और क्यों Arambh हुई Kahte है. इस Din Ayodhya के Raja रामचंद्र Lanka के Atyachari राजा Ravan का Nash कर Or चौदह Varsh का Vanvaas काटकर Ayodhya वापस आये The. उनकी Vijay और Aagman की Kushi के प्रतीक Roop मैं अयोध्यावासियों ने Nagar को Ghee के Deepo से Prakasit किया Tha.

Prasanta के Suchak पठाखे और Atishvaaji का Pradashan कर Paraspar मिठाईया बाटी Thi. उसी Din का स्मरण Karne तथा Agyan-Andhkaar एवं अन्याय-अत्याचार Ke विरूद्ध हमेशा Sangharsh करते Rahne की  Chetna उजागर किये Rahne के लिए ही Us दिन से प्रत्येक Varsh भारतवासी इस Din Deep Jalakar हार्दिक हर्षोउल्लास प्रकट Karte Or मिठाईया खिलाकर Aapni प्रसन्ता का Aadan Pradan करते Hai.


इस Din जैन Teerthkaar भगवान् Mahaveer ने जेतन्य की प्राण प्रतिष्ठा Karte हुए Mahaniravan प्राप्त Kiya Tha. सिख संप्रदाय के छठे Guru हरगोविंदजी को Bandigrah से छोड़ा Gya था इसलिए लोगो Ne दीपमाला Sajai Thi.

Deepavali आने तक Rithu के Prabhav से वर्षा ऋतू Pray समाप्त Ho चुकी Hoti Hai. मौसम Mai गुलाबी Thandak घुलने लगती Hai. आकाश Par खजन पक्षियों Ki पक्तिबुरंध टोलिया उड़कर Uski नील नीरवता Ko चार Chand लगा दिया Karti Hai. राजहंस Mansrovar मैं लोट आते Hai. नदियों Sarovar का Jal इस Samay तक Swach और Nirmal हो चूका Hota है

Prakarti मैं Naya निखार और Khumar आने Lagta है. इन Sabse प्रेरणा लेकर लोग-बाग़ Bhi आपने-आपने Ghar साफ़ Banakar रंग-रोगन Karvane लगते Hai. इस Prakar प्रकर्ति उगेर मानव Samaj दोनों ही Jaise Gandgi के अंधकार को Dur भगा प्रकाश Ka पर्व Deepavali मानाने की Teyari करने लगते Hai. यह Teyari Dukano-Bazaro की सजावट Or रौनक Dikhai देने लगती Hai.

Deepavali को Dhoom-Dhaam से मानाने के लिए Hafto पहले Teyari आरम्भ Ho जाती Hai. पांच-छ Din पहले फल-मेवों Or मिठाईयो की Dukane सज-धज Kar खरीद दरों Ka Aakarshan बन जाता Hai. मिटटी Ke खिलोने Deepak अन्य Prakar की मूर्तिया चित्र Banane बाले Bazar मैं आ जाते Hai.


पटाखे, Aatishvaaji के स्टालो Par खरीदारों की भीड़ उमड़ Jati Hai. Kheel, Batashe, Khilone, मिठाईया बनाई व खरीदी Jati है. Enhe बेचने Ke लिए बाज़ारो Ko दुल्हन Ki तरह Sajaya जाता Hai. Deepavali की रात Deepako और Bijali के Chote-Bade बच्चो से Gharo-Dukano का वातावरण Puri Tarha से Jagmaga उठता है.

Deepavali के लिए Naye-Naye कपडे Silaye जाते Hai. मिठाईया पकवान Bante Hai. घर-घर Mai Laxmi Ji का पूजन Shubh Kamnaou का आदान-प्रदान Or Muh Meetha किया कराया जाता Hai. व्यापारी लक्ष्मी पूजन Ke Sath नए बहीखाते Aarambh होते Hai. इस Prakar Deepavali प्रसन्ता और प्रकाश Ka Tyohaar Hai. जुआ, खेलना, शराब Peena जैसी Kuch कुरीतिया Bhi स्वार्थी Logo ने Es पवित्र Tyohaar के Sath जोड़ Rakhi Hai. उनमे होने Bale दीवाले से Sajag साबधान ही Tyoharo को Aanadpurn बना Sakte Hai.

#3 Deepavali Essay In Hindi ( 600 Word )

Bharat मैं साल Bhar बहुत से Tyohaar मनाये Jate Hai. जहा Sabhi धर्मो के Log अपनी संस्कृति Or परंपरा के Anusar आपने विभिन त्यौहार का Jashn मनाते Hai. Diwali हिन्दू धर्म Ke लोगो का सबसे मशहूर महत्वपूर्ण पारम्परिक और सांस्कृतिक Tyohaaro मैं से एक Hai. Jo Har Saal रिश्तेदार परिवार Mitro Or पड़ोसियों के साथमिलकर Bahut Utsha से Manate है. Yeh रोशनी Ka त्यौहार या Deepavali के रूप से भी Jana Jata है.

Yeh त्यौहार Hindu कैलेंडर Ke अनुसार कार्तिके Ke महीने Mai Matlab अक्टूबर या नवम्बर Ke Maheene मैं आता Hai.

Diwali मैं हर Ghar मैं Deepak से Sajaye जाते Hai. Deepavali के Din हर कोई Kush होता Hai. और Ek-Dusre को बधाई देते Hai.


Diwali त्यौहार धनत्रयोदशी यानी Dhan Ter के साथ Shuru होता Hai. और नरक चतुदर्शी Laxmi Pooja (Diwali ) Goverdhan पूजा और Bhaidoj के साथ ख़त्म Hota Hai.

भारत Mai हर त्यौहार Or उत्सव किसी Karan या एकिवंदति Ke Sath जुड़ा Hai. वैसे ही Es त्यौहार के Peeche भी एक Story है Diwali का Tyohaar भगवान् Shree Rama आपने 14 वर्ष के Vanvaas को Pura करने के Baad अपनी पत्नी Seeta और Bhai Lakshman के साथ Aapne राज्या Ayodhya को याद दिलाता Hai. Ayodhya के Logo ने मिटटी के Diye जलाकर Raajya को Roshan करके आपने Raja का स्वागत किया Tha.

Diwali Celebration 

Diwali के दिन Har कोई Kush होता Hai. और Ek-Dusre को बधाई Deta Hai. बच्चे खिलोने और पटाखे खरीदते Hai. Deepavali के कुछ Din पहले Diwali के लिए Log आपने Gharo और दुकानों की सफाई और Chitrit करते Hai. वे इस अवसर पर Naye कपडे, उपहार, बर्तन, मिठाई आदि Khareedte Hai. इसे नई Dukano, Ghar व्यवसाय और साझेदारी आदि के उद्घाटन के Shubh Avsar Mana जाता है

Dhanteras

Dhanteras को घर के लिए कोई वास्तु Or सोने, चांदी आदि Khareedne के लिए Ek Shubh दिन माना जाता है लोग Es Din Ko नए व्यापर शुरू करने के लिए Shubh मानते Hai.

Narak Chaturdashi 

इस Din था जिस Par Rakshas नरकासुर भगवान् Shree Krishna Dwara मारा गया था जो की अँधेरे पर Prakash की जीत का Prateek है

Laxmi Pooja 

Laxmi पूजा यह दिन Diwali का महत्वपूर्ण दिन माना Jata Hai. इस दिन रंगोली और Diye की Roshni के साथ Ghar और Mandir को Sajakar लोग आपने घरो Or दुकानों और व्यावसायिक स्थनो पर देवी लक्ष्मी और Bhagvaan Ganesh की Pooja शाम को Karte Hai.


लक्ष्मी Dhan की Devi है और Ganesh Jii को शुभ शुरुआत के देवता Ke रूप मैं माना Jata Hai. लोग सड़को बाज़ारो Gharo और परिवेश मैं समृद्धि और Kalyan की इच्छा के Liye तेल से Bhare Prakash की मिटटी के Sath Diwali का स्वागत करते है इस Avsar पर पटाखे मुख्या आकर्षक है पड़ोसियों Mitro और रिश्तेदारों को घरो और Mithaiya वितरण Mai पकाया स्वादिष्ट भोजन Diwali उत्सव का Hissa है Diwali की रात को लोग Aapne घरो के Darvaje खुले रखते Hai. क्युकी उन्हें देवी लक्ष्मी के प्रवेश की Umeed करते Hai.

Goverdhan Pooja | Balipratipada

इस Din भगवान् Shree Krishna ने इंद्रा को Parajit किया Or Indra द्वारा आयोजित Bhari बारिश से Aapne ग्रामीणों और Maveshiyo को बचाने के लिए भगवान् Shree Krishna ने Goverdhan पर्वत को Uthaya था

उत्तर भारत मैं गोवर Ganne Books Hathiyaar और Gadgets आदि इस अवसर पर शाम Ko Pooja करते थे

महाराष्ट्र तमिलनाडु और कर्नाटक मैं Log इस दिन Balipratipada के रूप मैं Manate है जो दानव राजा ;बाली के Uper विष्णु के बोना वामन Avtaar की विजय का स्मरण Karta है

Bhai Dooj 

Bhaidooj त्यौहार भाई और बहन के Sneh का प्रतीक Hai. बहन आपने Bhai का तिलक और Nariyal और Mithaiyo की पेशकश करती Hai. जहा Bhai अपनी Bahan को उपहार Deta है.

Diwali के Avsar पर Har समुदाय और हर उम्र के Logo मैं Utsha से भरा Hota है विभिन संस्कृतियों द्वारा उसी त्योहारों Ke उत्सव Ke विभिन Tareeko से और अधिक सुन्दर Bana Diya जाता है

School Collage मैं कुछ दिनों की छुट्टिया दी Jati Hai. ताकि बच्चे Tyohaar का Aanand उठा सके बैंक नई योजनाओ और व्याज दरों की पेशकश Karte है हर Saal इस अवसर पर बड़ी Budge की Movie Release की जाती है

#4 Essay On Diwali In Hindi ( 650 Word )

हिन्दुओ के मुख्या Tyohaar होली Dussehra और Deepavali ही है Deepavali का Tyohaar प्रति वर्ष कार्तिके मास की Amavashya को देश के Ek कोने से Dusre कोने तक Badi धूम-धाम से मनाया जाता Hai. Vese इस त्यौहार की Dham-Dham Kartike Krishn त्रियोदशी से कार्तिके शुक्ल द्वितीय अर्थात Pach दिनों Tak रहती Hai.


Deepavali का Tyohaar कार्तिके मास की Amavashya को Aata Hai. दिवाली के पर्व की यह Visheshta है की इसके साथ Char Tyohaar और Manaye जाते है दीपावली का Utsha का दिन नहीं अपितु पुरे Week रहता है Deepavali से पहले Dhanteras का पर्व आता Hai.

Sabhi हिन्दू Es दिन Koi-Na-Koi नया बर्तन Avashya खरीदते Hai. Dhanteras के बाद छोटी दिवाली : अगले दिन Deepavali उसके अगले Din Goverdhan पूजा तथा Es कड़ी Mai अंतिम Tyohaar भैयादूज होता Hai. प्रत्येक त्यौहार Kisi-Na-Kisi महत्वपूर्ण घटना से जुड़ा Rahta Hai.

Deepavali के साथ भी कई धार्मिक तथा ऐतिहासिक Ghatnaye जुडी Hui Hai. इसी दिन भगवान् Vishnu ने Narsingh का Avtar लेकर Prahlad की रक्षा की Thi. समुन्द्र-मंथन Karne से लक्ष्मी जी इसी Din Prakat हुई थी Jain Mat के अनुसार तीर्थकर Mahaveer का महानिर्वाण इसी Din हुआ Tha.

आर्य Samaj के Sansthapak Swami Dayanand तथा प्रसिद्ध Vedanti स्वामी Ramteerth ने इसी दिन मोक्ष Prapt किया Tha. इस Tyohaar का सम्बन्ध Ritu Parivartan से भी है Esi समय शरद Ritu का Aagman लगभग हो Jata Hai. इससे Logo के खान पान पहनावे Or सोने आदि की Aadato मैं भी Parivartan आने Lagta है

नवीन Kamnaou से भरपूर Yeh त्यौहार बड़े Utsha के साथ Manaya जाता Hai. कार्तिके मास की Amavashya की रात Purnima की रात बन Jati Hai. इस Tyohaar की प्रतीक्षा Bahut पहले से की Jati Hai. लोग आपने-आपने Gharo की Safai करते Hai. व्यापारी तथा Dukandaar अपनी-अपनी Dukane सजाते है तथा Leepte-Pothte है इसी Tyohaar से व्यापारी Log अपने बहीखाते Shuru करते Hai.

Deepavali के दिन Gharo मैं दिए दुकानों तथा Pratishtan पर Sajavat तथा Roshni की Jati है बाज़ारो मैं खूब Chahal-Pahal होती है मिठाई तथा पटाखों की Dukane खूब Saji होती Hai. इस दिन Kheele Batashe तथा मिठाइयों की खूब बिक्री होती Hai. बच्चे अपनी इछानुसार Bum Phooljhadiya तथा अन्य पठाखे Khareedte है


रात्रि के समय Lakshmi-Ganesh का पूजन होता Hai. ऐसी Kivdanti है की Diwali की रात को Lakshmi का आगमन Hota है लोग अपने इस्ट-मित्रो के Yha मिठाइयों का आदान-प्रदान करके Deepavali की Shubhkamnaye लेते देते है Deepavali त्यौहार का बड़ा Mahatv है

Es त्यौहार के Goravshali अतीत Puna जाग्रत हो उठता Hai. पारस्परिक संपर्क Sohard तथा हेल-मेल Badane मैं यह Tyohaar बड़ा Mahatvpurn है वैज्ञानिक दृष्टि से भी यह Tyohaar Keetadunashak Hai. मकान और दुकानों की Safai करने से Tarha-Tarha के Keetadu मर जाते है

वातावरण Shudh तथा स्वास्थवर्धक हो जाता है Deepavali के Din कुछ Log जुआ Khelte है शराब पीते है तथा पटाखों Mai Dhan की अनावश्यक बर्बादी करते Hai. इससे हर Varsh अनेक दुर्घटनाये Ho जाती Hai. तथा Dhan-Jan की हानि होती Hai. इन बुराइयों को Rokne की चेष्टा की Jani चाइये

#5 दिवाली निबंध ( 700 Word )

Bharat एक ऐसा Desh है जहा सबसे ज्यादा Tyohaar मनाये जाते Hai. यहां विभिन धर्मो के Log आपने-आपने Utsav और पर्व को Aapne परंपरा Or सांस्कृति के अनुसार Manate है Diwali हिन्दू धर्म के Liye सबसे महत्त्व पूर्ण Paramparik और सांस्कृतिक त्यौहार Hai. जिसको Sabhi आपने Parivaar मित्र और Padosiyo के साथ पुरे Utsha से मनाते है Deepavali को रोशनी का Tyohaar भी कहा जाता Hai.

ये Behad खुशी का Parv है जो Har साल October या Novmber के महीने मैं आता है हर Saal आने Bali दिवाली के Peeche भी कई Story है Jiske बारे मे हमें आपने बच्चो Ko जरूर बताना Chaiye. Diwali मनाने का एक बड़ा Karan भगवान् Rama का अपने Rajya अयोध्या लौटना भी Hai. जब उन्होंने Lanka के Asur राजा Ravan को हराया Tha. इसके इतिहास Ko Har Sal बुराई पर अच्छाई के Prateek के Roop मैं याद किया Jata है अपनी Patni सीता और छोटे भाई Lakshan के साथ 14 साल का Vanvaas काट कर लौटे Ayodhya के Mahan राजा Rama को Ayodhya के महान राजा राम Ka अयोध्या Vasiyo ने जोरदार स्वागत Kiya था Ayodhya वासियो ने Aapne राजा के प्रति Apaar Sneh और लगाव Ko दिल Se किये स्वागत के Dwara प्रकट Kiya उन्होंने अपने Ghar और Pure राज्या को Roshni से जगमगा दिया Sath ही Raja Ram के स्वागत के लिए Atishvaaji भी की


आपने भगवान् Ko प्रसन्न Karne के Liye लोगो ने Lazeej पकवान Banaye हर कोई एक Dusre को Badhai दे रहा था बच्चे Bhi खूब खुश The. और इधर-उधर Ghoomkar अपनी प्रसन्ता Jahir कर रहे The. Hindu कैलेंडर के अनुसार Suraj डूबने के Baad लोग इसी Din Devi लक्ष्मी और भगवान् Ganesh की पूजा Karte है जहा Ek और Log ईश्वर की Pooja कर Sukh समृद्धि और अच्छे भविष्य की Kamna करते है वही Dusri और Pach दिनों के Es पर्व पर Sabhi आपने Ghar मैं स्वादिष्ट Bhojan और मिठाईया भी Banate Hai. इस दिन Log पाशा पत्ता आदि कई Prakar के Khel भी Khelna पसंद Karte है इसको Manane बाले Ache क्रियाकलापों Mai भाग लेते है और Burai पर Achai की जीत के Liye गलत Aadto को Tyag करते Hai. इनका Manana है Ki ऐसा करने से उनके Jeevan मैं ढेर Saari Kushiya संमृद्धि संपत्ति Or प्रगति Ayegi इस Avsar पर सभी Aapne मित्र Parivaar और रिश्तेदार को Badhai सन्देश और Uphaar देते Hai.

Roshni का उत्सव Deepavali असल Mai दो शब्दों से Milkar बना है दीप+आवली Jiska वास्तविक अर्थ है Deepo की Pankti वैसे तो Deepavali मनाने के Peeche कई Saari पौराणिक कथाएं कही Jati है Lekin जो Mukhya रूप से Prachalit मान्यता है Vo है Asur राजा Ravan पर Vijay और Bhagvaan राम Ka चौदह Saal का वनवास Katkar आपने Rajya अयोध्या Lotna इस Din को Hum बुराई पर Achai की Jeet के लिए भी Jante है Chaar दिनों के Es पर्व का Har दिन किसी Khas परंपरा और मान्यताओ से Juda हुआ Hai. जिसमे पहला Din Dhanteras का होता है इसमें Humlog सोने-चांदी के आभुषण या बर्तन Khareedte है दुसरे Din छोटी Deepavali होती Hai. जिसमे Humlog शरीर के Saare रोग और बुराई Mitane के लिए Sarso का Uptan लगाते Hai. तीसरे Din मुख्या Diwali होती Hai. इस Din लक्ष्मी-गणेश की Pooja की Jati है जिससे GHar सुख़ Or संपत्ति का Pravesh हो चौथे Din हिन्दू कैलेंडर के Anusaar नए Saal का Shubharambh होता है Or अंत Mai पांचवा Din भाई-बहन Ka होता Hai. अर्ताथ Es दिन Ko भैयादूज Kahate है


I Hope Aapko Essay On Diwali In Hindi Pasand Aye Honge. Muje Umeed Hai. Es Article Ko Aapne Friends And Relatives Ke Sath Jarur Share Kare.